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Archive | February, 2011

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सहकारी बैंक को ओबामा से सहायता

Posted on 28 February 2011 by vimalkumar

भारत की पिछली यात्रा में बराक ओबामा ने कई लोगों को प्रभावित किया. दिलचस्प की बात यह है कि वापस जाने के बाद भी वे उनलोगों को नहीं भूल सके हैं और उनसे सम्पर्क करते हैं. ऐसा ही एक महिला चेतना सिन्हा जो मध्य प्रदेश के सतारा जिले में गरीब महिलाओं के लिए प्रेरणा और अशा के स्रोत बन गई हैं.

श्रीमती सिन्हा एक सहकारी बैंक - ’मान देशी महिला सहकारी बैंक’ – चलाती है जो महिलाओं द्वारा महिलाओं के लिए है. यह 1997 में स्थापित हुआ और तब से सूक्ष्म वित्त में अग्रणी रहा है.

अब अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय संबंधों की अवर सचिव लाएल ब्रेनार्ड इस बैंक की यात्रा करने वाली हैं जो वहां सूक्ष्म वित्तपोषण के गुर सीखेंगी. एक अनुवर्ती के रूप में, जाहिर है, ओबामा ने उन्हें भारत में ग्रामीण व्यापार मॉडल का अध्ययन के लिए भेजा है.

इस बैंक में एक लाख से अधिक ग्राहक हैं.  बैंक महिलाओं के लिए समूह-ऋण, बचत, बीमा और पेंशन की योजनायें चलाता है. श्री ब्रेनार्ड विशेष रूप से बैंक द्वारा ग्रामीण महिलाओं के लिए मोबाइल बिजनेस स्कूल (MBSRW) शुरू करने की पहल देखने के लिए गये हैं.

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उड़ीसा: अस्का सहकारी नई ऊंचाइयों तक

Posted on 28 February 2011 by vimalkumar

अस्का सहकारी चीनी उद्योग लिमिटेड (ACSIL) ने वर्तमान पेराई मौसम के दौरान लगभग 66700 क्विंटल चीनी उत्पादन किया है जो पिछले वर्ष से 28,605 क्विंटल अधिक है.

कारखाना इस वर्ष अधिक दिनों तक चला क्योंकि किसानों ने पिछले वर्ष की तुलना में अधिक गन्ने कीआपूर्ति की है - कारखाने के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा.

कारखाने के अधिकारी जिले में गन्ना के रकबा को 3,603 एकड़ से 7500 एकड़ तक बढ़ाना चाहते हैं.

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न्यूजीलैंड के भूकंप पीड़्तों को सहकारी समितियों की मदद

Posted on 28 February 2011 by ajayjha

पिछले दिनों न्यूजीलैंड में आए शक्तिशाली भूकंप के पीड़ितों की सहायता के लिये देश की सहकारी समितियों के कार्यकर्ता एकजुट हो गए हैं.

22 फ़रवरी को आए 6.3 परिमाण के भूकंप से देश के दक्षिणी द्वीप पर स्थित क्राइस्टचर्च शहर पर भारी असर पड़ा.

Fonterra नामक डेयरी सहकारी समिती ने रेड क्रॉस की अपील पर 1 करोड़ डॉलर का दान दिया है और उन्होंने इसके लिए एक राहत कोष भी शुरू किया है. सहकारी समिते ने अपने साइट से एक लाख लीटर पानी और अन्य चीजें राहत केंद्रों को भेजा.

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अजीत पवार के नजदीकी सहायक के विरुद्ध बैंक धोखाधड़ी मामले में आरोप-पत्र दाखिल

Posted on 27 February 2011 by ajayjha

नकली ऋण प्रस्ताव पेश करना और बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से पैसे निकालना बैंकों में धोखाधड़ी करने का एक पुराना तरीका है. लेकिन शहरी सहकारी बैंक इस कला में माहिर हो गए लगते हैं.

अजीत पवार, जो महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री तथा मराठा दिग्गज शरद पवार के भतीजा हैं, के एक नजदीकी शिवाजीकाले के विरुद्ध इसी तरह के एक मामले में आरोप पत्र दाखिल किया गया है.

संयोग से बैंक का नाम भी अजित सहकारी बैंक है, जहां शिवाजी काले दो साल पहले धोखाधड़ी के समय निदेशक थे. अजित पवार की प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है.

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पवार चीनी और अनाज के निर्यात के पक्ष में

Posted on 26 February 2011 by ajayjha

कृषि मंत्री शरद पवार ने  पिछले दिनों कहा कि बम्पर उत्पादन और पर्याप्त स्टॉक की स्थिति को देखते हुए सरकार को चाहिए कि वह गेहूं, चावल और चीनी के निर्यात की अनुमति देने पर गंभीरतापूर्वक विचार करे.

चीनी के निर्यात की अनुमति के बारे में उन्होंने कहा कि ईजीओएम द्वारा इस सप्ताह इस मुद्दे पर विचार किए जाने की संभावना है.

“इस साल चीनी के निर्यात पर गंभीरता से विचार किया गया कि सरकार द्वारा आधा मिलियन टन के निर्यात की अनुमति दे दी जाय. कोटा का आवंटन भी किया गया था लेकिन निर्णय को रोक दिया गया था.

“यदि हमें फिर से विचार करना है तो हमें मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह (जीओएम) की बैठक बुलानी होगी. ….”  उन्होंने कहा.

चीनी उत्पादन पिछले वर्ष 19 मिलियन टन की अपेक्षा इस वर्ष 2010-11 (अक्टूबर से सितंबर) में 24.5 मिलियन टन होने का अनुमान है. अनुमानित वार्षिक मांग 22 मिलियन टन की है और पिछले वर्ष का बचा स्टाक 5 मिलियन टन का है.

मंत्री ने यह भी कहा कि अनुकूल मौसम होने के कारण गेहूं का उत्पादन 84 मि.टन होने की संभावना है.

“मैं किसी चीज का समर्थन नहीं कर सकता. मुझे पता है कि चाहे चावल हो या गेहूँ या कि चीनी, हमारे भंडार की स्थिति अच्छी है .  मुझे लगता है कि यह समय आ गया है कि सरकार गंभीरता पूर्वक विचार करे और कुछ निर्यात की अनुमति दे.”  उन्होंने कहा.

भारतीय खाद्य निगम के पास गोदाम में 47 मिलि. टन गेहूं और चावल है जबकि 1 जनवरी तक बफर मानदंड 25 मिलियन टन का है.

पवार ने ऊंची कीमतों और वैश्विक बाजार में कम आपूर्ति की स्थिति का लाभ उठाने के लिए गेहूं के निर्यात का समर्थन किया. रिपोर्ट है कि चीन में सूखे की स्थिति की वजह से गेहूं की फसल में गिरावट है.

गेहूं और गैर बासमती चावल के निर्यात पर क्रमशः फरवरी 2007 और अप्रैल 2008 में प्रतिबंधित लगा दिया गया जिससे कि उच्च मुद्रास्फीति पर नियंत्रण रखा जा सके.  हाल ही में, गैर बासमती चावल की तीन श्रेष्ठ किस्मों के 1.5 लाख टन के निर्यात की अनुमति दी गई थी.

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आय-कर हटाया जाना चाहिए: शहरी सहकारी बैंक

Posted on 25 February 2011 by dipakkumar

बजट सत्र आरम्भ हो गया है.  सहकारी समितियों पर से आयकर को हटाने के लिए लड़ाई की गतिविधियों में तेजी आ गई है. शहरी सहकारी बैंकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शहरी सहकारी बैंकों पर से आयकर हटाने की मांग के लिए बुधवार को केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की.

पाठकों को पता है कि सहकारी समितियों पर वर्ष 2006 में आय कर लगाया गया था और यह तब से यह जारी है.

शहरी बैंकों का कहना है कि चुंकि सहकारी बैंकों के दायरे में जनसंख्या के कमजोर वर्ग आते हैं जहां जोखिम की अधिक गुंजाइश होती है, अतः इन बैंकों को आयकर से मुक्त रखा जाना चाहिए.  हम उस रास्ते पर चल रहे है जहां चलने में निजी वाणिज्यिक बैंक भय खाते हैं. यह न केवल बैंकिंग है बल्कि एक प्रकार की समाज सेवा है, उन्होंने कहा.

विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार प्रणव मुखर्जी ने प्रतिनिधिमंडल को सहानुभूतिपूर्वक विचार का आश्वासन दिया है.

शहरी सहकारी बैंकों के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व माकपा के बासुदेव आचार्य और संयोजक सीवी कुमार कर रहे थे. उन्होंने संसद भवन में मुखर्जी से मुलाकात की और ऐसे बैंकों पर लगाए गए आयकर को हटाने की मांग की.

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी अनुरोध किया है कि सहकारी बैंकों पर प्रभावी कर की दरें कम की जांए.

कुमार ने कहा, “वित्त मंत्री ने हम से कुछ स्पष्टीकरण की मांग की और आश्वासन दिया कि हमारी चिंताओं को या तो वर्तमान बजट में ध्यान में रखा जाएगा या जब प्रत्यक्ष कर संहिता प्रभावी हो जाएगी.”

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि वित्त मंत्री ने उन्हें गौर से सुना और मांगों के लिए सकारात्मक रुख दिखाया.

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मध्य प्रदेश विधायक सहकारी बैंक घोटाले में दोषी करार

Posted on 25 February 2011 by dipakkumar

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले की एक अदालत ने सीहोर जिला केंद्रीय सहकारी बैंक में आठ साल पहले हुए धोखाधड़ी के एक मामले में भाजपा विधायक रमेश सक्सेना और चार अन्य को दो साल कैद की सजा सुनाई है.

धोखाधड़ी के समय श्री सक्सेना बैंक के अध्यक्ष थे.  जांच मध्य प्रदेश पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा किया गया.

बाद में वे लोग 15,000 रुपए प्रत्येक के मुचलके पर रिहा किए गये थे.  कथित तौर पर उन्होंने आठ साल पहले ’अपना घर बनाओ’ योजना के तहत धन के संवितरण में वित्तीय अनियमितताएं की थीं.

विधायक ने हालाँकि कहा कि वे मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में सजा को चुनौती देंगे.

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आरबीआई ने चार सहकारी बैंकों पर जुर्माना लगाया

Posted on 23 February 2011 by ajayjha

रिजर्व बैंक ने मंगलवार को चार सहकारी बैंकों पर 1 लाख रु. प्रति बैंक का जुर्माना लगाया. इन पर एण्टी-मनी लॉण्डरिंग दिशा निर्देशों के उल्लंघन सहित काई आरोप लगे हैं.

आरबीआई ने अलग-अलग बयानों में बताया कि ये चार बैंक हैं – १. जामनगर महिला सहकारी बैंक, २.अमरेली नागरिक सहकारी  बैंक,  ३.श्री महिला सेवा सहकारी बैंक, अहमदाबाद, एवं ४. वीरम्बन मर्केंटाइल कोऑपरेटिव बैंक.

जामनगर महिला सहकारी बैंक और अमरेली नागरिक सहकारी बैंक एण्टी-मनी लॉण्डरींग से संबंधित दिशा निर्देशों के उल्लंघन के दोषी पाए गए हैं.  अहमदाबाद स्थित श्री महिला सेवा सहकारी बैंक को निर्धारित सीमा से अधिक असुरक्षित अग्रिमों के अनुदान पर निर्देश  का उल्लंघन करने के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है.

इस बीच वीरम्बम मर्केंटाइल सहकारी बैंक पर संबंधित अधिकारियों के पास नकद लेन-देन रिपोर्ट न दाखिल करने का आरोप था.

भारतीय रिजर्व बैंक ने मामलों के बारे में और अधिक विस्तार में जानकारी नहीं दी.

रिजर्व बैंक की यह कार्रवाई एक दिन बाद हुई जब इसने सहकारी क्षेत्र के दो उधारदाताओं पर बैंकिंग मानदंडों के उल्लंघन के लिए 5 लाख रु. तक का दंड लगाया. ये बैंक हैं - सूरत मर्केंटाइल सहकारी बैंक और शहरी सहकारी बैंक, कटक.

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चीनी निर्यात मुद्दे पर फैसला आज

Posted on 21 February 2011 by vimalkumar

अतिरिक्त चीनी से किसानों के लिए समस्या पैदा हो रही है क्योंकि भारत सरकार द्वारा चीनी के निर्यात पर रोका लगा दी गई है. खाद्य और नागरिक आपूर्ति राज्य मंत्री श्री के. वी. थामस ने समस्या से ग्रस्त महाराष्ट्र सहकारी चीनी उद्योग को आश्वासन दिया है कि मंत्रियों का अधिकार सम्पन्न समूह आज (सोमवार) होने वाली बैठक में चीनी के निर्यात पर निर्णय लेगा.

उन्होंने स्वीकार किया कि खुले सामान्य लाइसेंस के तहत 500,000 टन चीनी के निर्यात का निर्णय स्थगित रखा गया है, लेकिन आश्वासन दिया है कि सोमवार की बैठक में निर्णय होने की उम्मीद है. यह सर्वविदित है कि महाराष्ट्र सहकारी चीनी उद्योग निर्यात रोकने के कारण वित्तीय संकट से घिर गया है. राज्य सहकारी मंत्री ने केंद्र से निर्यात के लिए अनुमति देने की अपील की है.

शरद पवार महाराष्ट्र के चीनी सहकारी आंदोलन की देन हैं. उन्होंने पहले अपने सहयोगी प्रणव मुखर्जी  से प्रतिबंध हटाने का अनुरोध किया था.

इस वर्ष बम्पर फसल है.  इसको देखते हुए उम्मीद है चीनी की कुल उपलब्धता २९ मि. टन होगी जबकि अनुमानित घरेलू खपत २३ मि. टन है.

मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह को सोमवार को इस मुद्दे पर फैसला करना है.

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सहकारी समितियों के आरटीआई मामलों की सुनवाई 17 मार्च को

Posted on 21 February 2011 by vimalkumar

देश की अदालतों में कई ऐसे मुकदमे लम्बित हैं जिनमें सहकारी समितियों का तर्क है कि वे सूचना का अधिकार अधिनियम के दायरे में नहीं आते.

भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ लिमिटेड (नेफेड), कृषक भारती कोऑपरेटिव लिमिटेड (कृभको) और भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ लिमिटेड (एनसीसीएफ) सहित कई सहकारी समितियों का कहना है कि ‘सूचना का अधिकार अधिनियम’ सहकारिता के सिद्धांतों के विरुद्ध है.

कृभको, नेफेड और एनसीसीएफ के आरटीआई मामलों की सुनवाई दिल्ली उच्च न्यायालय में 17 मार्च को होनी है.

सहकारिता सूत्रों के अनुसार जमीनी स्तर पर कृषि सहकारी समितियों में सरकारी इक्विटी 4.39% है और पूरे क्षेत्र में 10% से कम है. इस तरह उन्हें आरटीआई की जिज्ञासु आँखों से मुक्त होना चाहिए.

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