Posted on 26 June 2011 by ajayjha
ग्लोबल ग्रीन ब्रांड स्टडी द्वारा अमूल का शीर्ष भारतीय ग्रीन ब्रांड के रूप में मूल्यांकन किया गया है. ग्लोबल ग्रीन ब्रांड स्टडी हरे मुद्दों के प्रति उपभोक्ताओं के वर्तमान नजरिए और धारणा का पता लगाती है.
जनमत अनुसंधान के पीछे की टीम - Cohn और Wolfe, Esty पर्यावरण पार्टनर्स और पेन Schoen Berland ने से 2 अप्रैल से 3 मई 2011 तक आठ देशों में 9000 लोगों के बीच 370 ब्रांडों की तुलना की और निश्चित किया कि कौन सी कंपनी पूरे विश्व मे सबसे अधिक ग्रीन होने का सम्मान प्राप्त करती है. भारत के शीर्ष महानगरों से 1101 उत्तरदाताओं का सर्वेक्षण किया गया.
देशों, जहां जनमत सर्वेक्षण आयोजित किया गया, में शामिल हैं - ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, चीन, फ्रांस, जर्मनी, अमरीका, ब्रिटेन, और भारत भी शामिल है.
शोध के अनुसार भारत एकमात्र देश है जिसने वनों की कटाई और वायु प्रदूषण को सबसे महत्वपूर्ण “हरित मुद्दे” के रूप में चुना है. भारत एकमात्र देश है जहां अधिक से अधिक उपभोक्ताओं का कहना है कि विकासशील देशों को हरित क्रान्ति पर ध्यान देना चाहिए है.
इस पर टिप्पणी करते हुए गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (जीसीएमएमएफ) के प्रबंध निदेशक आरएस सोढ़ी ने कहा कि अपने पिछले 4 सालों से एक ही दिन (15 अगस्त) 15,000 गांवों में 3,000,000 सदस्यों द्वारा 8-9000000 पौध रोपण की अमूल की पहल को उपभोक्ताओं द्वारा मान्यता दी गई है.
दूध उत्पादक अपने दम पर अपने घरों के पास और खेत जैसी पूर्व पहचान की जगहों पर पौध रोपण करते है. इससे वन क्षेत्र में वृद्धि हो रही है. अब तक कुल 2.40 करोड़ पौधे लगाए गए हैं और 15 अगस्त 2011 को आगे 10 करोड़ पौधे लगाए जाएगें.
Posted on 23 June 2011 by ajayjha
कृषि मंत्री शरद पवार ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर उनसे चीनी के और निर्यात की अनुमति मांगी है.
पत्र में पवार ने कहा है कि चीनी के ज्यादा निर्यात की स्थिति है क्योंकि घरेलू उत्पादन अधिक है और वैश्विक कीमतें स्थिर हैं जिससे प्रति क्विंटल 500-600 रुपए के लाभ की स्थिति है, सूत्रों ने कहा.
उचित समय पर निर्यात का निर्णय लेने की जरूरत पर बल देते हुए मंत्री ने कहा कि देश ने पहले ही निर्णय में देरी के कारण जनवरी से मार्च 2011 में चीनी निर्यात का एक उत्कृष्ट मौका खो दिया है.
Posted on 23 June 2011 by ajayjha
सहकारी क्षेत्र के मामलों समय सीमा के भीतर नहीं निपटाये जा रहे हैं. एक पद्धति जिसमें लोगों को भरोसा हो, के लिए यह जरूरी है कि लोगों को न्याय जल्दी मिले. क्या शरद पवार सुन रहे हैं? ऐसे कई मामले हैं. NCUI के चुनाव के आर्बीट्रेशन केस में लंबे समय से कोई प्रगति नहीं है. तीन मामले केन्द्रीय पंजीयक के पास लंबित हैं.
केन्द्रीय रजिस्ट्रार आर.के. तिवारी सहकारी क्षेत्र के मुकदमों के साथ तालमेल रखने में सक्षम नहीं सिद्ध हो पा रहे है. मामले को निपटाने के लिए नियुक्ति आर्बीट्रेटर अपनी इच्छा से मामले को अधर मे छोड़ देता है.
Posted on 19 June 2011 by ajayjha
सूचना है कि छत्तीसगढ़ के किसान राज्य सहकारी बैंकों से परेशान हैं. उनका उद्धारक करने के लिए श्री रमेश बैस आगे आये हैं.
भाजपा नेता बैस ने मुख्यमंत्री रमन सिंह से मुलाकात की और उनसे शिकायत की कि छोटे ऋणों के लिए भी सहकारी बैंकों किसानों को जमीन बंधककह रहे हैं अपनी .
लखन लाल साहू, जो शीर्ष निकाय NCUI की शासी परिषद के सदस्य है से संपर्क नहीं किया जा सका. साहू भी भाजपा नेता हैं और किसानों के लिए पद्मश्री पुरस्कार के प्रस्ताव के विचार का श्रेय उन्हें दिया जाता है.
उन्होंने तर्क दिया था कि जब फिल्मी हस्तियों और कला और साहित्य से जुड़े व्यक्ति इसे पाने के लिए हकदार हैं तो किसान क्यों नहीं हो सकता है. उन्होंने संसद में इस पर बहस की मांग की और अपेक्षा की कि जन प्रतिनिधि इस पर विचार करेंगे.
लेकिन अपने ही राज्य के किसान सहकारी बैंकों के हाथों पीड़ित हैं जबकि साहू अपना मोबाइल बंद कर सो रहे हैं. साहू छत्तीसगढ सहकारी संघ के अध्यक्ष भी हैं.
Posted on 19 June 2011 by ajayjha
आरबीआई ने प्राथमिक सहकारी बैंकों से संबंधित ग्राहकों की चिंता को संबोधित करने के लिए बैंकिंग लोकपाल की नियुक्ति का प्रस्ताव किया है. जिस किसी को बैंकों से शिकायत हो वह समाधान के लिए लोकपाल से सम्पर्क कर सकता है. इसके लिये वह पहले लिखित शिकायत करेगा. अगर एक महीने तक जवाब नहीं आया तो वह बैंकिंग लोकपाल से संपर्क कर सकता है.
लोकपाल बैंकिंग प्रक्रिया से जुड़ ग्राहकों की हर शिकायत का समाधान करेगा. यदि बैंक का जवाब संतोषजनक नहीं है तब भी ग्राहक लोकपाल से शिकायत कर सकता है.
Posted on 19 May 2011 by ajayjha
कांग्रेस और उसके सहयोगी राकंपा के बीच MSCB के मुद्दे पर लड़ाई छिड़ जाने के बारह दिनों के बाद तनाव कम होता दिखाई दे रहा है.
मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने 20 मई को राज्य के कैबिनेट मंत्रियों की एक बैठक बुलाई है. कुछ राकांपा मंत्रियों ने पूर्व में कांग्रेस पार्टी पर राजनीतिक के लिय निशाना बनाने का आरोप लगाया था.
पवार ने केंद्र में कांग्रेस नेतृत्व पर साजिश रचने का आरोप लगाया था. पवार और चव्हाण दोनों नेताओं ने अंततः 19 मई को दिल्ली में मिल रहें हैं.
Posted on 12 May 2011 by ajayjha
भारतीयसहकारिता.कॉम से बात करते हुए, NCUI के नवनियुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. दिनेश मिश्रा ने NCUI की भावी योजनाओं की जानकारी दी जिससे एन.सी.यू.आए की उपस्थिति देश के विभिन्न हलकों में महसूस की जा सके.
“कॉप-कनेक्ट” एक कार्यक्रम है जिसका लक्ष्य है बच्चों के बीच सहकारिता की भावना को लोकप्रिय बनाना. यह कार्यक्रम डॉ. मिश्रा के नेतृत्व में एक नए अवतार में उपस्थित होगा.
इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि डॉ. मिश्रा इस अवधारणा को ऐसे स्कूलों में ले जाना चाहते हैं जहां सीमांत वर्गों से छात्र नामांकित हैं. उनका मानना है कि यह अवधारणा ऐसे स्कूलों में अधिक उपयोगी होगी जहां बच्चों को वातानुकूलित सुविधा उपलब्ध नहीं है. NCUI का पहला काम प्रशिक्षण देना है जिसपर डॉ. मिश्रा प्रमुख तौर पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं.
इफको, कृभको आईसीए और अन्य सहकारी संस्थाओं को धत्ता बताते हुए डा- मिश्र कहते हैं कि सहकारिता के मूल सिद्धांत की मांग है कि हम एक दूसरे से बराबर मिलते रहें. प्रेक्षक इस बात से अनुमान लगाते हैं कि डा. मिश्र अतीत की परंपरा से हटकर काम कर रहे हैं. वे कहते हैं कि NCUI के पूर्व मुख्य कार्यकारी अपने को परिसर तक ही सीमित रखते थे तथा दूसरों से बाहर का ध्यान रखने की उम्मीद करते थे.
उनकी अन्य चिंता है NCUI परिसर का हरे भरे बागान के माध्यम से सौंदर्यीकरण और परिसर के भीतर आकर्षक रास्ते बनाना.
Posted on 12 May 2011 by ajayjha
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने मंगलवार को जोर देकर कहा कि महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक के बोर्ड के विघटन के पीछे कोई राजनीतिक कारण नहीं था.
“बैंक के बोर्ड को भंग करने का फैसला रिजर्व बैंक द्वारा लिया गया था. हमारा हित इस बात में है कि बैंक के परिसमापन की कारवायी न की जाय” उन्होंने कहा.
MSCB का बोर्ड, जिस पर शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का नियंत्रण था, हाल ही में नाबार्ड द्वारा तैयार रिपोर्ट के आधार पर रिजर्व बैंक द्वारा भंग कर दिया गया. नाबार्ड ने बैंक में विभिन्न अनियमितताओं की ओर इशारा किया था.
Posted on 22 April 2011 by ajayjha
गुरुवार को तमिलनाडु सहकारी दुग्ध उत्पादक फेडरेशन लिमिटेड के शोलिंगनाल्लुर के अविन दूध डीपो में 3.45 बजे भीषण आग लग गई. आग को 05:00 बजे तक बुझा दिया गया. यह स्थान चेन्नई से लगभग 60 किमी दूर है. लेकिन इस आग में कोई हताहत नहीं हुआ.
हालांकि करोड़ो रुपए के नुकसान की उम्मीद है पर तमिलनाडु मिल्क प्रोड्यूसर्स सहकारी संघ ने कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं दिया है. आग का कारण ज्ञात नहीं है, सूत्रों ने कहा.
Posted on 26 March 2011 by ajayjha
बिहार विधानसभा में हुए हंगामे पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बिस्कोमान के अध्यक्ष श्री सुनील सिंह ने कहा कि उच्च न्यायालय ने पहले ही मामले को खारिज कर दिया और बिस्कोमान को क्लीन चिट दे दिया है. हमें यकीन है कि सतर्कता समिति जल्द ही इसका पता लगा लेगी. श्री सिंह ने सहकारी मंत्री रामाधार सिंह पर मामले से पूरी तरह से अनभिग्य होने का आरोप लगाया.
श्री सुनील सिंह ने क्रोध में कहा कि अगर मंत्री रामाधार सिंह BISCOMAUN का पूरा नाम बता दें तो वे अध्यक्षता से इस्तीफा दे देंगे.
भारतीयसहकारिता.कॉम से बात करते हुए श्री सुनील सिंह ने कहा कि वे उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी का आभारी हैं जिन्होंने हाउस जांच के स्थान पर सतर्कता जांच का समर्थन किया. उन्होंने आगे कहा कि विधायक Biscomaun से पैसा बनाने में रुचि रखते हैं.
स्व. तपेश्वर सिंह के वंशजों के प्रति कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा,-”मैं एक होटल व्यवसायी नहीं कर रहा हूँ. मेरे पास पटना में एक कठा भी जमीन नहीं है. जब मैं भार संभाला, बिस्कोमान की आय मात्र 4 लाख रुपये थी लेकिन कहीं से भी बिना ऋण लिये, मैंने इसके आय को एक करोड़ रुपये प्रति माह तक पंहुचा दिया.”
बिस्कोमान के अध्यक्ष सुनील सिंह का तपेश्वर सिंह के खिलाफ गुस्सा का कारण यह है कि बक्सर से PAC के सदस्य और तपेश्वर बाबू के पुत्र रणजीत सिंह और अन्य लोग Biscomaun बोर्ड के खिलाफ अभियान चला रहे हैं. BISCOMAUN बोर्ड के सदस्य श्री विनय साही ने अध्यक्ष श्री सुनील सिंह पर गंभीर वित्तीय दुराचरण के आरोप लगाया गया है. उन्होंने श्री सुनील सिंह की अध्यक्षता वाले अनधिकृत बोर्ड द्वारा किये गए कई कामों के बारे में सीबीआई जांच की मांग की है.