अमूल डेयरी सहकारी आंदोलन जो 1946 में गांव स्तर की केवल दो दुग्ध सहकारी समितियों के साथ शुरू किया गया जिनमें प्रति दिन बस 247 लीटर दूध संग्रह होता था, आज दो अरब अमरीकी डॉलर के संगठन में तब्दील हो गया है.
Indiancooperative.com से बातचीत में जीसीएमएमएफ के अध्यक्ष परथी भाई भटोल ने कहा कि वे लोग 2 अरब डॉलर की बिक्री के कारोबार के आंकड़े को पार कर गए हैं. वित्तीय वर्ष 2010-11 के दौरान जीसीएमएमएफ ने 22.1% की वृद्धि दर्ज की और रुपये 9774 करोड़ का कारोबार किया.
21 जून 2011 को जीसीएमएमएफ की 37वीं वार्षिक आम बैठक हुई और परिणाम घोषित किया गया.
श्री भटोल खुश थे क्योंकि केवल चार साल में अपने कारोबार में एक अरब डॉलर जोड़ा गया. वर्ष 2011-12 में जीसीएमएमएफ का 12,000 करोड़ रुपए का टर्नओवर हासिल करने की योजना है.