
अमूल के प्रबंध निदेशक आर.एस.सोढ़ी ने बताया कि पुराने घरेलू नुस्खों को अपनाते हुए देश की अग्रणी डेयरी सहकारी संस्था जीसीएमएमएफ ने राष्ट्रीय स्तर पर हल्दी दूध का उत्पादन करने का निर्णय लिया है। गौरतलब है कि जीसीएमएमएफ अपने उत्पादन को अमूल ब्रांड के नाम से बेचती है।
इसका उत्पादन कैरा जिला सहकारी दूघ संघ में किया जाएगा और दूध की नई दो किस्मों में इसका उत्पादन होगा। इसकी पैकेजिंग को सरल बनाने पर खास ध्यान दिया जा रहा है, सोढ़ी ने कहा।
हल्दी का दूध इंसान की शारीरीक थकान को दूर करने में लाभकारी होता है और भारतीयों द्वारा इसका उपयोग बड़े पैमाने पर किया जाता है। हल्दी एंटी ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर है। कहा जाता है कि अगर रोज एक चम्मच हल्दी डालकर पानी पिएं तो ये दिल के लिए बहुत फायदेमंद होती है। वहीं अमूल लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए इस विपणन स्ट्रेटजी को अपना रही है।
शुरुआती दौर में इन उत्पादों की 1.5 लाख इकाइयां निर्मित की जाएगी। सोढ़ी ने कहा कि बाजार में जरूरत के अनुसार इसके उत्पादन में वृद्धि की जाएगी।