
गुजरात के दिग्गज सहकारी नेता दिलीपभाई संघानी को एक बार फिर सर्वसम्मति से उर्वरक सहकारी संस्था- इफको के अध्यक्ष के रूप में चुना गया है।
आज यानि शुक्रवार को हुए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव में बलवीर सिंह भी एक बार फिर उपाध्यक्ष चुने गए।
संघानी के नाम का प्रस्ताव उत्तराखंड के उमेश त्रिपाठी ने रखा जबकि हरियाणा के प्रह्लाद सिंह ने इसका समर्थन किया। वहीं बलवीर सिंह के नाम का प्रस्ताव जगदीप सिंह नकई ने रखा और प्रेम चंद मुंशी ने इस विचार का समर्थन किया।
भारतीय सहकारिता से बात करते हुए संघानी ने कहा, “मैं बोर्ड के सदस्यों का बहुत आभारी हूं, जिन्होंने मुझ पर एक बार फिर विश्वास जताया है।मैं इफको को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए बोर्ड के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर काम करूंगा।”
उन्होंने आगे कहा, “हम किसानों के बीच न केवल इफको नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के बारे में जानकारी साझा करेंगे, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के दृष्टिकोण को हासिल करने में भी साथ मिलकर काम करेंगे।”
गौरतलब है कि चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के चुनाव से एक दिन पहले 21 सीटों में से सात सीटों पर चुनाव हुआ था। इन सात सीटों में से चार निदेशकों ने पहली बार बोर्ड में जगह बनाई है, जिनमें महाराष्ट्र से वर्षा कस्तूरकर, मध्य प्रदेश से ऋषिराज सिसौदिया, तमिलनाडु से एस शक्तिवेल और राजस्थान से रामनिवास गढ़वाल शामिल हैं।
इफको के निदेशक मंडल में महाराष्ट्र के विवेक कोल्हे ने भी पहली बार जगह बनाई है।